बहुत पुरानी बात है एक शहर में एक बिज़नेस का परिवार निवास करता था . बिज़नेस मेन का नाम दशरथ सिंह था उसकी धर्मपत्नी का नाम सुशीला बाई तथा उसके दो बच्चे एक लड़का - एक लड़की , लड़के का नाम राम तथा लड़की का नाम राधा था लड़के की उम्र करीव बारह वर्ष तथा लड़की की उम्र आठ वर्ष थी .. दशरथ और उसकी पत्नी सुशीला बहुत सरल स्वाभाव , बहुत दयालु थे . उन लोगो के पास पैसो की कमी नहीं थी बहुत धनवान थे उनके बच्चे बहुत बड़े स्कूल में पढ़ाई करते थे . अचानक उनके घर पर आठ -दस भिक्षुक लोग आ गये . दशरथ ने पूछा आप लोग कोन है उन्होंने कहा हम भिक्षुक है आप से दक्षिणा लेने आये है हम यहाँ सभी से हर वर्ष दक्षिणा लेने आते है आपका ही घर बाकि था . दशरथ और उसकी पत्नी ने कहा गुरुदेव आप लोग बैठिये हम आपकी दक्षिणा का प्रबंध करते है . दशरथ ने कहा आप सभी लोग भोजन ग्रहण कर ही जावें , में आपकी कुछ क्षणों में भोजन बनबाता हु . दोनों पति -पत्नी बहुत सारे पकवान बना दिये बहुत खाना बना लिया और प्रेम से खाना खिलाया . खाना खाने के बाद भिक्षुक बोले अब हम चलते है , हमें हमारी दक्षिणा से कही ज्यादा मिल गया दशरथ बोला नहीं गु...
क्या बताऊ आपको इन दीन - दुखियो कि कहानी कोई नहीं सुनता इनकी छोटी सी पुकार को क्या हो गया इन ईश्वर कि परछाइयों को जिन्हे बनाया तूने मेरे लिए वो भी खो गए इस मायाजाल मे नहीं सुनाई देती इनको भी दीन - दुखियो कि पुकार नेता हो , व्यापारी हो चाहे हो कोई अधिकारी नहीं सुनाई देती इनको भी दीन - दुखियो कि पुकार बच्चे , बूढ़ो एवं युवाओ को भी नहीं सुनाई देती इनकी छोटी सी पुकार इस संसार के बड़े - बड़े रईसों को भी नहीं सुनाई देती इनकी छोटी सी पुकार घर - घर जाकर मांगे भीख नहीं देते इनको कोई भीख क्या हमारी युवा पीढ़ी इतनी निर्धन हो गयी है जो किसी भूखे भिक्षुक को पेट भर भिक्षा ना दे सके कहाँ है ? हमारी संस्कृति जो किसी अतिथि या किसी भिक्षुक के आने पर उन्हें कभी निराश नहीं करते थे इस विलुप्तमय संसार में विलुप्त हो गयी संस्कृति विलुप्त हो गयी मनुष्यता सब प्राणी - जगत का पालन करने वाली धरा को भी नहीं सुनाई देती इन दीन - दुखियो की पुकार क्या है कोई निःस्वार्थ प्राणी जन्मा है कोई फरिश्ता जो सुने हमारी छोटी सी आरज़ू भरी पु...
Bahut badiya bhai
जवाब देंहटाएंधन्यवाद !!
हटाएंNice thought socialist
जवाब देंहटाएंधन्यवाद !!
हटाएंHa
जवाब देंहटाएंधन्यवाद !!
हटाएं